Friday, March 24, 2017

बड़ी मुददतों के बाद यह पल आया है

बड़ी मुददतों के बाद यह पल आया है, तारों की झुरमुट में शाम बिताई है । भागते रहे चंद काग़ज़ के टुकड़ों के लिये महफ़िल आज अपनों के संग सजाई है । वक़्त रूकता नहीं, रूकना तुम्हें होगा, जीना है अगर ज़िंदगी,बात आज समझ में आई है । जीवन छोटा,बचे हैं चंद पल ही ज़िंदगी के, जियें अपने लिये भी,ज़िंदगी ने ज़िंदगी से पहचान कराई है । @सुधा आदेश

Thursday, March 23, 2017

मेरी लघु कथा निर्णय को प्रतिलिपि में पढ़ें http://Hindi.pratilipi.com/Sudha-Adesh/Nirmal?utm_source=web_mini&utm_campaign=content_share

दर्द

दर्द की पर्त दर पर्त ऐसी जमती गई , 
सहेज कर दर्दे गम बिछोना बना लिया हमने। 

 कोई डर नहीं, कोई ख्वाहिश नहीं, 
हसरतों को मुट्ठी में बंद कर लिया हमने । 

 मौत भी आये तो अब कोई गम नहीं 
जीने की चाहत को रेत की मानिंद उड़ा दिया हमने। 
 सिला चाहे जो भी दे यह मतलबी दुनिया 
 बदरंग चादर बेफिक्री की ओढ़ लिया हमने । @सुधा आदेश

Thursday, January 26, 2017

वर्षों के त्याग और बलिदान के फलस्वरूप हमें आज़ादी मिली

वर्षों के त्याग और बलिदान के फलस्वरूप हमें आज़ादी मिली । हमारे संविधान निर्माताओं ने आज के दिन हमें हमारा संविधान सौंपा था । हमें हमारे कर्तव्यों और अधिकारों के बारे में बताया गया था । दुख तो इस बात का है हमें हमारे अधिकार याद रहे पर कर्तव्य भूल गये । कुछ ऐसी ही मानसिकता ने कुछ पंक्तियों को जन्म दिया है ... दोगली बातें बंद करो अब तो कुछ शर्म करो, कब तक छल कपट से जनता जनार्दन को गुमराह करते रहोगे , सत्ता सुंदरी के मद में मचलते रहोगे ? आरोप प्रत्यारोपों का दौर बंद करो, देश की रक्षार्थ कुछ कर्म करो सीख सकते हो तो सीखो उन नौजवानों से जिन्होंने तुम्हारे कल के लिये तोड़ ममता की बेड़ियाँ माँ की आन बान शान के लिये अपना आज क़ुर्बान कर दिया, हँसते - हँसते अपना जीवन बलिदान कर दिया । @ सुधा आदेश

Tuesday, January 17, 2017

कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी का फटे कुर्ते से हाथ निकालकर दिखाना...

कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी का अपने फटे कुर्ते से हाथ निकाल कर लोगों को दिखाना...अनेकों प्रश्न ... अमीरजादों को फटी जीन्स ( आज का फैशन ) पहने तो देखा था , क्या फटा कुरता भी फैशन में आ गया है ? जिन राहुल गांधी के पर नाना के कपड़े पेरिस धुलने जाया करते थे तथा जिनकी दादी अपने अच्छे ड्रेस सेन्स के लिए जानी जाती रही हैं उनके वारिस द्वारा फटा कुरता पहनना... क्या कांग्रेस वास्तव में इतनी बदहाल हो गई है ? या यह भारत की भोली भाली जनता का बेवकूफ बनाने या समझने की सोची समझी चाल है !!

Thursday, December 8, 2016

आज नोट बंदी चर्चा का विषय बनी है ...

आज नोटबंदी चर्चा का विषय बनी है । यह सच है कि यह देश हित में लिया अभूतपूर्व फ़ैसला है पर आश्चर्य तो इस बात का है कि आम जनता से अधिक हमारे विपक्षी दल परेशान हैं शायद उनकी रोज़ी रोटी पर कुठाराघात हुआ है तभी उन्होंने अपनी सारी क्षमता इस मिशन को फ़ेल करने में लगा दी है पर वे भूल गये हैं आम नागरिक उनकी रग-रग से वाक़िफ़ है अत:वह उनकी अनर्गल बातें सुनने की अपेक्षा अपने प्रधानमंत्री को कुछ समय देना चाहती है ।

Monday, November 7, 2016

किसी भी परिस्थिति में आत्महत्या जायज़ नहीं

विपरीत परिस्थिति में आत्महत्या को जायज ठहराने वाले, उसका महिमा मंडन करने वाले शायद यह भूल जाते हैं कि आत्महत्या करना कायरता की निशानी है । उस पर दिल्ली सरकार का एक करोड़ देने का फ़ैसला...कहीं एेसा करके हम लोगों को उकसाने का काम तो नहीं कर रहे हैं । आख़िर परिवार के लिये समर्पित व्यक्ति अपने परिवार को सुरक्षित भविष्य देने के लिये इतना तो कर ही सकता है ।