Thursday, January 26, 2017

वर्षों के त्याग और बलिदान के फलस्वरूप हमें आज़ादी मिली

वर्षों के त्याग और बलिदान के फलस्वरूप हमें आज़ादी मिली । हमारे संविधान निर्माताओं ने आज के दिन हमें हमारा संविधान सौंपा था । हमें हमारे कर्तव्यों और अधिकारों के बारे में बताया गया था । दुख तो इस बात का है हमें हमारे अधिकार याद रहे पर कर्तव्य भूल गये । कुछ ऐसी ही मानसिकता ने कुछ पंक्तियों को जन्म दिया है ... दोगली बातें बंद करो अब तो कुछ शर्म करो, कब तक छल कपट से जनता जनार्दन को गुमराह करते रहोगे , सत्ता सुंदरी के मद में मचलते रहोगे ? आरोप प्रत्यारोपों का दौर बंद करो, देश की रक्षार्थ कुछ कर्म करो सीख सकते हो तो सीखो उन नौजवानों से जिन्होंने तुम्हारे कल के लिये तोड़ ममता की बेड़ियाँ माँ की आन बान शान के लिये अपना आज क़ुर्बान कर दिया, हँसते - हँसते अपना जीवन बलिदान कर दिया । @ सुधा आदेश

Tuesday, January 17, 2017

कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी का फटे कुर्ते से हाथ निकालकर दिखाना...

कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी का अपने फटे कुर्ते से हाथ निकाल कर लोगों को दिखाना...अनेकों प्रश्न ... अमीरजादों को फटी जीन्स ( आज का फैशन ) पहने तो देखा था , क्या फटा कुरता भी फैशन में आ गया है ? जिन राहुल गांधी के पर नाना के कपड़े पेरिस धुलने जाया करते थे तथा जिनकी दादी अपने अच्छे ड्रेस सेन्स के लिए जानी जाती रही हैं उनके वारिस द्वारा फटा कुरता पहनना... क्या कांग्रेस वास्तव में इतनी बदहाल हो गई है ? या यह भारत की भोली भाली जनता का बेवकूफ बनाने या समझने की सोची समझी चाल है !!

Thursday, December 8, 2016

आज नोट बंदी चर्चा का विषय बनी है ...

आज नोटबंदी चर्चा का विषय बनी है । यह सच है कि यह देश हित में लिया अभूतपूर्व फ़ैसला है पर आश्चर्य तो इस बात का है कि आम जनता से अधिक हमारे विपक्षी दल परेशान हैं शायद उनकी रोज़ी रोटी पर कुठाराघात हुआ है तभी उन्होंने अपनी सारी क्षमता इस मिशन को फ़ेल करने में लगा दी है पर वे भूल गये हैं आम नागरिक उनकी रग-रग से वाक़िफ़ है अत:वह उनकी अनर्गल बातें सुनने की अपेक्षा अपने प्रधानमंत्री को कुछ समय देना चाहती है ।

Monday, November 7, 2016

किसी भी परिस्थिति में आत्महत्या जायज़ नहीं

विपरीत परिस्थिति में आत्महत्या को जायज ठहराने वाले, उसका महिमा मंडन करने वाले शायद यह भूल जाते हैं कि आत्महत्या करना कायरता की निशानी है । उस पर दिल्ली सरकार का एक करोड़ देने का फ़ैसला...कहीं एेसा करके हम लोगों को उकसाने का काम तो नहीं कर रहे हैं । आख़िर परिवार के लिये समर्पित व्यक्ति अपने परिवार को सुरक्षित भविष्य देने के लिये इतना तो कर ही सकता है ।

Sunday, October 30, 2016

प्रत्येक वर्ष आता है दीप पर्व

प्रत्येक वर्ष आता है दीप पर्व बुराई पर सच्चाई, नफरत पर प्यार की जीत का लेकर सन्देश । प्रत्येक वर्ष हम करते हैं प्रतिज्ञा मन के अंधकार को मिटाने का जन-जन के ह्रदय को ज्ञान के दीप से आलोकित करने का । पर न स्वयं को बदल पाते हैं न सामाजिक वातावरण को इंसान हैं हम पाषाण नहीं फिर विवशता क्यों और किसलिये ? आओ एक कदम तुम बढ़ाओ एक कदम मैं बढ़ाऊं प्यार का एक दीप मैं जलाऊँ एक दीप तुम जलाओ । सीमा पर सैनिक देते पहरा समाज के प्रहरी बनो तुम हर दिल में अपनत्व की रसधार बहे एक मुकम्मल जहाँ ऐसा बनायें । शुभ दीपावली @सुधा आदेश

Tuesday, October 18, 2016

है दीप शिखा

हूँ दीप शिखा चौथ का चाँद खेले आंखमिचौली बेचैन नारी । दिखा चाँद तन-मन हुलासा तपस्या पूर्ण । अजब रीति जली जिसके लिए तोड़े स्वप्न । भग्न हृदय जोड़ना सीखा मैंने हारूँगी नहीं । चलूंगी संग तू है मेरा, मैं तेरी मेरा विश्वास । न ले परीक्षा मोम की नहीं नारी है दीपशिखा । @ सुधा आदेश करवा चौथ की शुभकामनायें...

Tuesday, October 4, 2016

जिस देश के नेताओं की रगों में सिर्फ़ सियासत है, सोच विकृत हो वहाँ इस तरह के आरोप लगेंगे ही । अब तो यही लगता है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता इस देश को ले डूबेगी !!अगर केजरीवाल , संजय निरूपम जैसे नेताओं की नकेल कस दी जाये तो पाकिस्तान विश्व के नक़्शे से स्वयमेव ही मिट जायेगा ।