Saturday, February 23, 2019

बेहद दुखी हैं हम...

अवंतिपुरा में सी.आर. पी.एफ.जवानों पर आतंकी हमला...26 जवान शहीद । देश का बड़ा नुकसान । पक्ष विपक्ष के बयान यह सोचने को विवश करते हैं कि क्या हो गया है नेताओं को ? क्या दुख की घड़ी में भी वे एकमत नहीं हो सकते ? सेना को सशक्त क्यों नहीं करते ? उनके लिये खरीदे जाने वाले विमान, तोपे, जीपें सदा संदेह और बहस का मुद्दा क्यों बन जाते हैं ? भारत चीन युद्ध के समय देशवासियों ने सेना की धन से कपडों से मदद की थी ,अब भी कमोवेश यही स्तिथि है । लोग अन्य जगह भ्रष्टाचार की दुहाई नहीं देंगे लेकिन जब सेना को मजबूत बनाने के लिये कोई डील होती है वह संदेह के घेरे में आ जाती है । जिन्हें देश से प्यार है वे ऐसा कर ही नहीं सकते ... देश के लिये, हमारे लिये शहीद होने वाले जवानों को शत-शत नमन । मत भूलिए देश है तो हम हैं जो देश को प्यार नहीं करता उसे इस देश में रहने का अधिकार नहीं है ।

Monday, September 10, 2018

SUDHA ADESH: कमज़ोर नहीं हैं बेटियाँ

SUDHA ADESH: कमज़ोर नहीं हैं बेटियाँ: हमारी बेटियाँ कमज़ोर नहीं हैं बेटियाँ कमज़ोर बनाते हैं हम उन्हें यह न करो, वह न करो के बंधनों में बाँधकर । लड़कों को तो नहीं टोकते,रोकते ...

कमज़ोर नहीं हैं बेटियाँ

हमारी बेटियाँ कमज़ोर नहीं हैं बेटियाँ कमज़ोर बनाते हैं हम उन्हें यह न करो, वह न करो के बंधनों में बाँधकर । लड़कों को तो नहीं टोकते,रोकते लड़के हैं ग़लती हो गई, कर देते हैं सारे गुनाह माफ़... काश !लडकियों से भी यही कह पाते । शरीर को शरीर ही रहने देते पवित्रता ,अपवित्रता से न जोड़ते, चिड़िया सा चहचहाने,कोयल सा गुनगुनाने देते, तब हमारी बेटियाँ कमज़ोर न होतीं । सृष्टि की जन्मदातरी,सहनशीलता समाई जिसकी रग-रग में ,कमज़ोर हो नहीं सकती , हमें बदलना होगा,बेटियों के प्रति नज़रिये को जब नर अपवित्र नहीं तो नारी क्यों ? सोच बदल पाये गर समाज की हम दुष्कर्म नारी के लिये कलंक नहीं, यातना नहीं ,बोझ नहीं, अभिशाप नहीं, सिरफ हादसा होगा, सिर्फ़ एक हादसा । @सुधा आदेश

Wednesday, September 5, 2018

आज शिक्षक दिवस है...उन सभी शिक्षकों जो ज्ञान का प्रकाश फैलने की चेष्टा में सतत प्रयत्नशील है उनको शत-शत नमन...कुछ शब्द उनके और समाज के लिये... शिक्षा का कोई अंत नहीं, उम्र का कोई बंधन नहीं, समय की बाध्यता नहीं... जन्म से लेकर मृत्यु तक मानव कुछ न कुछ सीखता ही रहता है कभी प्रकृति से तो कभी आस-पास के परिवेश से... शिक्षा ऐसा लेन देन है जिससे लेने वाले की झोली तो भरती ही है, देने वाला भी कभी नहीं रीतता... सच तो यह है जो इस महादान को देने और लेने में कंजूसी करता है, वही अंततः रीतता जाता है । @सुधा आदेश

Monday, September 3, 2018

नाग नथैया, कृष्ण कन्हैया

नाग नथैया, कृष्ण कन्हैया, गाय चरइया, रास रचिया, कर मुरली साजे, पग पैजनियां बाजे अब तो आओ दरस दिखाओ छिपे कहाँ मुरलीधर प्यारे राह देखे सारा जमाना... घट-घट छाई घटा मतवाली, रिमझिम बरस रही बरखा प्यारी, मुरली की धुन को तरसें सखियां सारी, अब तो आओ, दरस दिखाओ... छिपे कहाँ मुरलीधर प्यारे राह देखें चितचोर तुम्हारी... चहुँ ओर छाया घना अंधेरा पग-पग पसरे अजगर चाहें डसना अब तो है बस तेरा ही सहारा अब तो आओ दरस दिखाओ छिपे कहाँ मुरलीधर प्यारे राह तकती अखियाँ हमारी ... दिया था तुमने प्यार का संदेश, लूट खसोट बना जमाने का चलन, ईमानदारी का नहीं नामोनिशान, अब तो आओ दरस दिखाओ छिपे कहाँ मुरलीधर प्यारे जन-जन की टूटी आस बंधी तुमसे... जन्माष्टमी की अनेकानेक शुभकामनाएं... @सुधा आदेश

Wednesday, August 1, 2018

आस है तो जीवन है रीत गया जीवन जैसे कोई पुराना घड़ा घड़ा तो फिर भर जाएगा रीता जीवन कैसे भर पायेगा ? घड़ा तो घड़ा है निर्जीव है घुटन ,संताप से दूर है लोग आयेंगे, प्यास बुझायेंगे रीते जीवन को कौन भर पायेगा ? रीत तो नदिया भी जाती है पावस की सुहानी बूंदे बरस-बरस कर धरती से गगन का कराती है मिलन रीती नदिया सैकड़ों बांध तोड़कर धरा की प्यास बुझा जाती है । हे पागल मन मत हो निराश स्नेह की नन्हीं-नन्हीं बूँदें फिर आयेंगी, सहलाकर तन-मन को रीते मन को, रीते जीवन को प्यार की खुशबू से भर जायेंगी... मत भूलना आस है तो जीवन है । @सुधा आदेश

Tuesday, July 31, 2018

रुकना मेरा काम नहीं

रुकना मेरा काम नहीं 

 मैं जल की बहती धारा, रूकना मेरा काम नहीं 
चल सको तो चलो साथ मेरे, मत कहना कहा नहीं ।

 जीवन है थोड़ा क्या पाया क्या खोया ,रखा हिसाब नहीं, कर्तव्य पथ पर चलती रही, पाया कभी विश्राम नहीं ।

 कट जायेगा बचा जीवन भी ,रही कोई आस नहीं 
साथ मेरे कर्म , दुनिया रूठे आंच नहीं । 

 न रहूँ आश्रित किसी के, विश्वास कभी टूटे नहीं 
चलना ही जीवन मकसद रहे,डगमगाये कभी कदम नहीं ।

 @ सुधा आदेश